आज हम आपको सर्वनाम की परिभाषा, सर्वनाम के भेद व उदाहरण के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके आने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगीं। जैसे:- Patwari, Police, SSC, Railway, Banking, UPSC, UPPCS, RPSC, Police, SI & Others में अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। तथा प्रतियोगी छात्र परीक्षा की दृष्टि से आवश्यक जानकारी से परिचित हो सके ।
सर्वनाम की परिभाषा :- सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें ‘सर्वनाम’ कहते हैं।
सर्वनाम दो शब्दों के योग से बना है सर्व + नाम , अर्थात जो नाम सब के स्थान पर प्रयुक्त हो उसे सर्वनाम कहा जाता है।
वह शब्द जो संज्ञा के बदले में आए उसे सर्वनाम कहते हैं।”
जैसे – ‘ मैं ‘ , ‘ तुम ‘ , ‘ हम ‘ , ‘ वह ‘ , ‘ आप ‘ , ‘ उसका ‘ , ‘ उसकी ‘ , ‘ वह ‘ आदि।
इसके शाब्दिक अर्थ को समझें तो यही प्रतीत होता है कि “ सबका नाम ” यह शब्द किसी व्यक्ति विशेष के द्वारा प्रयुक्त ना होकर सबके द्वारा प्रयुक्त होते हैं। किसी एक का नाम ना होकर सबका नाम होते हैं। ” मैं “ का प्रयोग सभी व्यक्ति अपने लिए करते हैं। अतः मैं किसी एक का नाम ना होकर सबका नाम है।
हिन्दी में सर्वनामों की संख्या 11 हैं, जो निम्न हैं
मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या।
सर्वनाम छ: प्रकार के होते हैं-
- पुरुषवाचक सर्वनाम
- निजवाचक सर्वनाम
- निश्चयवाचक सर्वनाम
- अनिश्चयवाचक सर्वनाम
- प्रश्नवाचक सर्वनाम
- संबंधवाचक सर्वनाम
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सर्वनाम का अपना कोई लिंग नहीं होता है। इसके लिंग का निर्धारण क्रियापद से ही होता है। पुरुषवाचक सर्वनाम के अंतर्गत मैं, तू, आप, यह और वह आते हैं।
पुरुषवाचक सर्वनामों की तीन भेद होती हैं-
1. उत्तमपुरुष: जिन शब्दों का प्रयोग बोलने वाला खुद के लिए करता है। इसके अंतर्गत मैं, मेरा, मेरे, मेरी, मुझे, मुझको, हम, हमें, हमको, हमारा, हमारे, हमारी आदि आते हैं। जैसे –
जैसे-
मैं कहता हूँ कि नदियाँ सूखती जा रही हैं।
इसके अंतर्गत ‘मैं’ और ‘हम’ आते हैं।
मैं फुटबॉल खेलता हूँ।
2. मध्यम पुरुष : जिन शब्दों का प्रयोग सुनने वाले के लिए किया जाता है। इसके अंतर्गत तू, तुझे, तुझको, तेरा, तेरे, तेरी, तुम, तुम्हे, तुमको, तुम्हारा, तुम्हारे, तुम्हारी, आप आदि आते हैं।
जैसे –
तुम बहुत अच्छे हो।
मैंने आपसे कहा था कि वह बीमार नहीं है।
3. अन्यपुरुष : अन्य पुरुष : जिन शब्दों का प्रयोग किसी तीसरे व्यक्ति के बारे में बात करने के लिए होता है।
इसके अंतर्गत यह, वह, ये, वे आदि आते हैं। इनमें व्यक्तिवाचक संज्ञा के उदाहरण भी शामिल हैं |
जैसे-
मैंने आपको बताया था कि वह पढ़ने में बहुत तेज है।
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निजवाचक सर्वनाम :-जिस सर्वनाम का प्रयोग कर्ता कारक स्वयं के लिए करता है, उसे ‘निजवाचक सर्वनाम’ (Reflexive Pronoun) कहते हैं।’
इसके अंतर्गत आप, स्वयं, खुद, स्वतः आदि आते हैं |
निश्चयवाचक सर्वनाम :- जिस सर्वनाम से किसी वस्तु या व्यक्ति अथवा पदार्थ के विषय में ठीक-ठीक और निश्चित ज्ञान हो, ‘निश्चयवाचक सर्वनाम’ (Demonstrative Pronoun) कहलाता है।
जैसे -
यह मेरा भाई है |
ये पुस्तक है |
सूर्य पूर्व से निकलता है |
अश्चियवाचक सर्वनाम :-वह सर्वनाम, जो किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध नहीं कराए, ‘अश्चियवाचक सर्वनाम’ (Indefinite Pronoun) कहलाता है।”
इस सर्वनाम के अंतर्गत ‘कोई’ और ‘कुछ’ आते हैं।
जैसे -
तुम कुछ खा लो |
कोई आया था |
वह उसके लिए कुछ लाया था |
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प्रश्नवाचक सर्वनाम :- जिस सर्वनाम का प्रयोग प्रश्न करने के लिए किया जाय, ‘प्रश्नवाचक सर्वनाम’ (Interrogative Pronoun) कहलाता है।”
इस सर्वनाम के अंतर्गत "प्रश्न पूछा" जाता है
इसके अंतर्गत ‘कौन’ और ‘क्या’—ये दो सर्वनाम आते हैं।
जैसे -
वह क्या लाया था ?
यहाँ कौन आया था ?
तुम कौन हो ?
सबंधवाचक सर्वनाम :- जिस सर्वनाम से एक शब्द या वाक्य का दूसरे शब्द या वाक्य से संबंध जाना जाता है, उसे ‘सबंधवाचक सर्वनाम’ (Relative Pronoun) कहते हैं।”
इसके अंतर्गत "जो - वो, जैसा - वैसा, जो - सो, जिसकी - उसकी , वही - जिसको" आते है |
जैसे -
जैसी करनी वैसी भरनी
जिसकी लाठी उसकी भैस
तुम वहीं जिसको कल मारा था |
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